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बुधवार, 29 जनवरी 2020

"मधुमास'

बासंती बयार का चलना
कानन बीच पलाश का खिलना
वनाग्नि से वसुन्धरा ने
ताम्र वितान सजाया
मधुमास धरा पे छाया….

आम्रवृक्ष बौरों से लद गए
मलयानिल से प्रकृति महके
सरसों के पीले फूलों पे
भ्रमर झुंड इठलाया
मधुमास धरा पे छाया….

अमराइयों में कोयल कुहुके
उपवन सज गए पुष्प गुच्छ से
चंग थाप से गूंजी गलियां
रंगोत्सव आया 
मधुमास धरा पे छाया….

★★★★★

22 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 30.1.2020 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3596 में दिया जाएगा । आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ाएगी ।

    धन्यवाद

    दिलबागसिंह विर्क

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    उत्तर
    1. सृजन को चर्चा मंच पर मान देने के लिए सादर आभार दिलबाग सिंह जी । मंच की चर्चा में अवश्य उपस्थित रहूंगी।

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  2. नमस्ते,

    आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में गुरुवार 30 जनवरी 2020 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    उत्तर
    1. 'पांच लिंकों का आनन्द' में रचना को साझा करने के लिए हार्दिक आभार रविन्द्र जी ।

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  3. ऋतुराज का सुंदर चित्रण, प्रणाम दी।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी सराहनीय प्रतिक्रिया से सृजन को सार्थकता मिली शशि भाई ! हार्दिक आभार ।

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  4. आम्रवृक्ष बौरों से लद गए
    मलयानिल से प्रकृति महके
    सरसों के पीले फूलों पे
    भ्रमर झुंड इठलाया
    मधुमास धरा पे छाया….
    बहुत सुंदर भाव सरस सृजन मीना जी मोहक रचना ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी स्नेहसिक्त प्रतिक्रिया से सृजन का मान बढ़ा कुसुम जी !! हार्दिक आभार आपका ।

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  5. मधुमास सा ही सुन्दर सरस अप्रतिम सृजन।

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    उत्तर
    1. आपकी स्नेहिल प्रतिक्रिया से सृजन को सार्थकता मिली सुधा जी !! हार्दिक आभार आपका ।

      हटाएं
  6. सरसों के पीले फूलों पे
    भ्रमर झुंड इठलाया
    मधुमास धरा पे छाया….
    बहुत सुंदर मोहक रचना....मीना जी :(

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  7. बहुत बहुत आभार संजय जी । आपकी प्रतिक्रिया से सृजन को सार्थकता मिली ।

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  8. अमराइयों में कोयल कुहुके
    उपवन सज गए पुष्प गुच्छ से
    चंग थाप से गूंजी गलियां
    रंगोत्सव आया
    मधुमास धरा पे छाया….वाह मीना जी शब्दों का ये मधुमास -- धरा के मधुमास सरीखा ही प्यारा है | सस्नेह |

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    उत्तर
    1. आप जब भी आती हैं ब्लॉग पर..मन आल्हादित हो जाता है रेणु जी । आपकी ऊर्जावान सराहना से सृजन का मान बढ़ा । सस्नेह...

      हटाएं
  9. उत्तर
    1. आपके उत्साहवर्धन के लिए हृदय से सादर आभार आदरणीया !

      हटाएं


“मेरी लेखन यात्रा में सहयात्री होने के लिए आपका हार्दिक आभार…. , आपकी प्रतिक्रिया‎ (Comment ) मेरे लिए अमूल्य हैं ।”

- "मीना भारद्वाज"