Copyright

Copyright © 2026 "मंथन"(https://www.shubhrvastravita.com) .All rights reserved.
हाइकु लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
हाइकु लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 15 नवंबर 2024

हाइकु

क्षिlतिज पार -

शक्रचाप को देख 

रवि मुस्काया ।



हरी दूब में -

तिनके बटोरती

नन्ही गौरैया ।



रिक्त गेह में -

नीम पर चहके

नव जीवन ।



प्यासा पपीहा -

ताके नभ की ओर

भरी धूप में ।



ढलती साँझ -

सागर की गोद में

सोया सूरज ।


***

बुधवार, 27 दिसंबर 2023

“हाइकु”

रश्मि को देख

आसमान में छिपा

भोर का तारा ।


 मोती के जैसी

धूप में चमकती

ओस की बूँद ।


श्वेत वसन

धरती ने पहने

शीत ऋतु में ।


ढलती साँझ

ठिठुरन भगाए

चाय का कप ।


धीमे से बजी

पत्तियाँ मेपल की

सर्द रात में ।

                             

सर्दी की रात

पत्तों के कम्बल में

लिपटा चाँद ।


***

सोमवार, 15 अगस्त 2022

“हाइकु”



खुला मैदान 

बारिश की बूँदों में

वृक्षों का स्नान ।


पावन बेला

हर घर फहरा

तिरंगा प्यारा ।


मन मयूर 

“जन गण मन” को

गर्व से गाएं ।


मांओं के लाल

स्वतंत्रता निमित्त 

हुए क़ुर्बान ।


राष्ट्र की नींव

निस्पृही बलिदानी

वीरों को नमन ।


आज़ादी पर्व 

अमृत महोत्सव 

जय भारत ।


***

गुरुवार, 4 अगस्त 2022

“हाइकु”


पावस ऋतु 

नीम की डाल पर

निबौरी गुच्छ ।


सावन माह 

कानों से बात करे

खेतों में धान ।


 भोर उजास 

नागवारा झील में

तैरती घास ।


पुराने ख़त

परतों में समेटे

यादों के पुष्प ।


काली घटाएं

गाँव गली में गूँजे

राग मल्हार।


गली का छोर 

चंग की थाप पर

झूमते लोग ।


 नदी का घाट

पुष्प ,फल, मिष्ठान्न 

षष्ठी पर्व में ।

 

बरसी घटा 

आँगन में तैरती

काग़ज़ नाव ।


भोर का तारा 

अम्बर में सिमटा

देख लालिमा ।


जब से उगे

कंक्रीट उपवन

लुप्त गौरैया ।


***

बुधवार, 3 नवंबर 2021

दीपावली [ हाइकु ]

                                          🪔

ऋतु हेमन्त~

घर-घर सजती

दीपमालिका ।

🪔

दीपक ज्योति~

तम दूर भगाए

राग द्वेष का ।

🪔

शोभा अपार ~

रंगोली- तोरण से

गृह द्वारों की ।

🪔

पावन पर्व ~

मन मोद मनाएं

हर्षें व गाएं ।

🪔

दीप पर्व की

हार्दिक शुभेच्छाएँ

मित्र वृन्द को ।

🪔

🙏🙏


शनिवार, 10 अप्रैल 2021

【हाइकु】

 



निर्जन वन~

सूखे पोखर पर

गज समूह ।

*

रेतीले धोरे ~

बाला के सिर पर

खाली गागर ।

*

ज्येष्ठ मध्याह्न~

पदचिह्न छोडती

खेत में वृद्धा ।

*

लू की लहर ~

बरगद के नीचे

दुर्बल गैया ।

*

भूरी सैकत  ~

ऊँट की पीठ पर

प्रेमी युगल ।

*

चाँदनी रात~

कालबेलिया नृत्य  

मरूभूमि में ।

*

गोधूली बेला~

तुलसी चौरे पर

जलता दीया ।


***

रविवार, 3 जनवरी 2021

"हाइकु"


पेड़ों की शाखें ~

शुक वृन्द चोंच में 

अनार दाने ।

🔸

कानन पथ~

अहेरी के जाल में

मृग शावक ।

🔸

नदी का तट~

मांझी की झोपड़ी से

मछली गंध ।

🔸

पेड़ की डाल ~

गिलाई के पंजें में

मीठी निबौरी ।

🔸

सर्दी में वर्षा~

इलायची महकी

चाय प्याली में ।

🔸

भोर उजास~

आंगन में बिखरे

निहार कण ।

🔸

सर्दी की धूप~

छत मुंडेर पर

गोरैया जोड़ा ।

🔸

सागर तट~

लहरों को देखता

नव युगल ।

🔸

कानन पथ~

झरने के समीप

गज शावक ।

🔸

झील के पार  ~

पनपी शाखों पर

बैया कॉलोनी ।

🔸

शीत मध्याह्न~

लड़की के हाथों में

ऊन-सिलाई ।

                                  🔸

हिमस्खलन~

चट्टान की ओट में

पर्वतारोही ।

🔸

जल प्रपात~

पत्थर से फिसला

युवक पाँव ।

🔸

बर्फानी रात ~

सरहद की रक्षा

फौजी के हाथ ।


***

शनिवार, 14 नवंबर 2020

"हाइकु"

                               

【गूगल से साभार】

☀️

दिवाली पर्व~

हरे गहन तम

मृतिका दीप ।

☀️

अमा की रात~

जगमग करती

तम मे दीप्ति ।

☀️

कोरोना काल~

दीपक महोत्सव

सादगीपूर्ण ।

☀️

🙏दीपावली महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏       



सोमवार, 13 जुलाई 2020

"हाइकु"

गंगा का तट ~
बम भोले की गूंज
कावड़ यात्रा
🍁
सावन मास~
शिव की आराधना
भक्ति में शक्ति ।
🍁
सांझ की बेला~
वर्षा फुहार संग
गरम चाय ।
🍁
श्रावणी तीज~
नवोढ़ा के हाथों में
मेंहदी रंग ।
🍁
वर्षा फुहार~
तप्त वसुधा पर
ठंडी बयार ।
🍁
काली बदली~
रिमझिम बरसी
माटी महकी ।
🍁
सावन-झड़ी~
बाबुल का आंगन
थाती हिय की ।
🍁