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शनिवार, 5 मार्च 2022

सूरज से बादल हटे न होते….,

सूरज से बादल हटे न होते

अंधेरे ही रहते उजाले न होते


राहें कभी इतनी आसां न होती

जो तुम साथ चल रहे न होते


माझी पहुँचाता नाव पार कैसे

लहरें ही होती किनारे न होते


गिरना संभलना सीख पाते कैसे

गिरे और संभल कर चले न होते


सच कहना सुनना होता ही अच्छा 

तो रिश्ते यूं बनते बिगड़ते न होते


****

20 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर रविवार 06 मार्च 2022 को लिंक की जाएगी ....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

    !

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    1. सृजन को पाँच लिंकों का आनंद में शामिल करने के लिए हृदयतल से सादर आभार आदरणीय रवीन्द्र सिंह जी ।

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  2. बहुत खूब ! गिर कर ही संभलना सीखते हैं हम ।

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    1. सराहना सम्पन्न प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार नुपूरं जी!

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  3. साथ चलने से कठिन से कठिन राहें सरल हो जाती हैं ।
    खूबसूरत ग़ज़ल।

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    1. उत्साहवर्धन करती सराहना सम्पन्न प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार मैम 🙏🌹

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  4. जीवन में यश - अपयश, अँधेरे - उजाले, मान - अपमान, सुख - दुःख एक दूजे के पूरक हैं।
    मजबूत बनने के लिए तकलीफें भी जरूरी हैं। सुंदर सरल रचना।

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    उत्तर
    1. सारगर्भित सराहना सम्पन्न प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार मीना जी 🙏🌹

      हटाएं
  5. गिरना संभलना सीख पाते कैसे

    गिरे और संभल कर चले न होते



    सच कहना सुनना होता ही अच्छा

    तो रिश्ते यूं बनते बिगड़ते न होते

    वाह!!!
    बहुत ही सारगर्भित एवं सार्थक सृजन।

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    उत्तर
    1. उत्साहवर्धन करती सराहना सम्पन्न प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार सुधा जी 🙏🌹

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  6. भावों की अथाह गहराई लिए सराहनीय सृजन।
    गिरना संभलना सीख पाते कैसे
    गिरे और संभल कर चले न होते... वाह!

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  7. उत्साहवर्धन करती सराहना सम्पन्न प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार अनीता जी 🌹

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  8. लहरें ही होती किनारे न होते -संभावना की कोई सीमा नहीं

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  9. हार्दिक आभार लोकेष्णा (लोपामुद्रा) जी !

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  10. शब्द-शब्द में सत्य की अनुगूंज जो ढांढस भी दे रही है। स्वयं में ही रोक कर। अति सुन्दर अभिव्यक्ति।

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  11. जीवन का सटीक संदर्भ । बेहतरीन गजल ।

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  12. हार्दिक आभार जिज्ञासा जी !

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  13. शब्द शब्द जीवन सत्य उजागर कर रही है और प्ररेणा भी दे रही है, सार्थक सृजन मीना जी 🙏

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  14. सारगर्भित सराहना सम्पन्न प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार कामिनी जी 🙏🌹

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“मेरी लेखन यात्रा में सहयात्री होने के लिए आपका हार्दिक आभार…. , आपकी प्रतिक्रिया‎ (Comment ) मेरे लिए अमूल्य हैं ।”

- "मीना भारद्वाज"