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रविवार, 28 अप्रैल 2019

“माँ”

मेरी खातिर
नैसर्गिक आनंद
माँ का आंचल

माँ मेरे लिए
बरगद की छांव
था तेरा अंक

सुन मेरी  माँ
मुझे लगे बेगाना
जग का मेला

जीवन मेरा
मंझधार की नैया
बिन तेरे माँ

अश्रुपूरित
यादोँ के पुष्प
माँ को अर्पित

xxxxx

22 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन हाइकु प्रिय सखी 👌
    माँ तो माँ है हर उपमा में माँ है |
    सादर

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    उत्तर
    1. आपकी त्वरित और सृजन का मान बढ़ाती प्रतिक्रिया के लिए स्नेहिल आभार सखी !

      हटाएं
  2. वाह बहुत सुन्दर मीना जी।
    हाइकु रचनाएं छोटी होते हुवे भी नावक के तीर होती है अगर भाव पूर्णतया स्पष्ट कर दे तो। और मां पर आपके ये हाइकु सच नावक के तीर हैं।
    बेहद उम्दा अंतर तक पैठते हाइकु ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. हाइकु पर आपकी सार्थकता प्रदान करती व्याख्यात्मक प्रतिक्रिया से अभिभूत हूँ कुसुम जी ! स्नेहिल आभार ।

      हटाएं
  3. सभी हायकू बहुत बढ़िया हैं, मीना दी।

    जवाब देंहटाएं
  4. माँ को समर्पित सभी हाइकू लाजवाब ... मन को सीधे भेदते हैं ...
    गहरी बात कहते हैं ...

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत आभार नासवा जी । आपकी प्रतिक्रिया सदैव उत्साहवर्धन करती हैं । आज आपका ब्लॉग नाराज सा लगता है :-) आपकी ग़ज़ल पर प्रतिक्रिया लिखी थी । वर्तनी mistake के कारण मैने वह हटा दी । दुबारा पोस्ट करने के लिए कॉलम (टिप्पणी)नही खुल रहा ।

      हटाएं
  5. 'मां' ही तो है जिससे दुनिया का हर रिश्ता बनता है इनके प्यार के बिना सब अधुरा है....
    सफल प्रयास ....
    बहुत शानदार हाईकू ...!!
    अपनी हाइकु की यह भावात्मक यात्रा जारी रखिए....मीना जी

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी सराहनीय अनमोल प्रतिक्रिया सदैव उत्साहवर्धन करती है संजय जी ! बहुत बहुत आभार !!

      हटाएं
  6. माँ के ऊपर लिखी सुन्दर हाइकु।

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत ही लाजवाब हायकू...
    वाह!!!
    आपकी सभी विधाएं बहुत ही कमाल की होती हैं...

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. उत्साहवर्धन और सराहना के लिए हृदय से बहुत बहुत आभार सुधा जी । सस्नेह...

      हटाएं
  8. उत्तर
    1. हृदयतल से सादर आभार विश्वमोहन जी ।

      हटाएं
  9. उत्तर
    1. स्वागत आपका नीतू करण ... आपकी अनमोल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक धन्यवाद ।

      हटाएं


“मेरी लेखन यात्रा में सहयात्री होने के लिए आपका हार्दिक आभार…. , आपकी प्रतिक्रिया‎ (Comment ) मेरे लिए अमूल्य हैं ।”

- "मीना भारद्वाज"