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मंगलवार, 1 जनवरी 2019

“अभिलाषा”


अभिनन्दन
हर्षित जन गण
बीति बिसार
आगत का स्वागत
वर्ष नवल
समय अविरल
सत्य अटल
हो कर गतिमान
करें उर्जित
अपने मन प्राण
मंगलमय
लक्ष्य करें संधान
ओ वसुन्धरा!
ह़ो प्रसन्न वदन
दो वरदान
उपजे धन-धान्य
धरती पुत्र
श्रम से हो हर्षित
हो सबका कल्याण

XXXX

(नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँँ)



25 टिप्‍पणियां:

  1. वासहह... बेहतरीन रचना।
    नववर्ष की हार्दिक शुभेच्छाएँ मीना जी।

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    1. तहेदिल से आभार श्वेता जी । नववर्ष की आपको भी हार्दिक शुभकामनाएँँ ।

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  2. बहुत ही सुन्दर रचना, हार्दिक शुभकामनाएं 🙏

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. तहेदिल से आभार एवं आपको भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँँ अभिलाषा जी ।

      हटाएं

  3. आपकी लिखी रचना आज "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 2 जनवरी 2019 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    उत्तर
    1. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं सहित बहुत बहुत आभार पम्मी जी मेरी रचना को "पांच लिंकों का आनन्द में" साझा करने के लिए ।

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  4. मीना जी प्रशंसनीय प्रस्तुति...नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !

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    उत्तर
    1. नववर्ष की मंगल कामनाओं सहित आपका अति आभार संजय जी !

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    2. वाह!मीना जी ,सुंदर रचना .नववर्ष की शुभकामनाएं।

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    3. अति आभार शुभा जी ,नववर्ष आपके लिए भी मंगलमय एवं सुखमय हो ।

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  5. जग कल्याण के सुंदर भावों से रची बहुत कोमल प्यारी रचना।

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    उत्तर
    1. आपकी अनमोल प्रतिक्रिया के लिए हृदयतल से आभार कुसुम जी ।

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  6. बहुत प्यारी रचना..... सादर स्नेह मीना जी नववर्ष मगलमय हो

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    उत्तर
    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए तहेदिल से आभार कामिनी जी ।
      नववर्ष की आपको भी हार्दिक शुभकामनाएं ।

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  7. बहुत ही सुन्दर रचना...
    नववर्ष की शुभकामनाएं।

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    1. तहेदिल से धन्यवाद सुधा जी एवं आपको भी नववर्ष की अनन्त मंगलकामनाएं ।

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  8. सुन्दर रचना। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें।

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    1. विकास जी नववर्ष की शुभकामनाओं सहित हार्दिक धन्यवाद रचना सराहना के लिए ।

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  9. नूतन वर्ष का इतना सुन्दर स्वागत ! ठिठुरन भरी सर्द हवाओं के इस मौसम में आपकी कविता ने वातावरण में ऊर्जावान ऊष्मा भर दी है.

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  10. बहुत सुन्दर मीनाजी ! आपकी रचना ने इस ठिठुरन भरे मौसम में हमको ऊर्जावान बना दिया. बच्चन जी ने नूतन-वर्ष का कुछ इसी प्रकार स्वागत किया है. आप उनकी शिष्या लगती हैं.

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    उत्तर
    1. बहुत बहुत आभार आपका । आपकी अनमोल प्रतिक्रिया चिन्तन के साथ लेखन को ऊर्जायुक्त बनाती है ।हिन्दी साहित्य में रुचि होने के कारण सभी साहित्य पुरोधा गुरु समान ही लगते हैं साहित्य के साथ इतिहास भी प्रिय विषय रहा है । बस राजनीति विज्ञान ही एक ऐसा विषय रहा जो कभी आकर्षित नही कर पाया । पुनः बहुत बहुत धन्यवाद आपका ।

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  11. नववर्ष पर सुन्दर एवं कल्याणकारी अभिलाषा.

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    1. बहुत बहुत आभार राकेश जी हौसला अफजाई के लिए ःः

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  12. आमीन ...
    नव वर्ष नव आशा का संचार करे ... पृथ्वी सब का कल्याण करे ...
    आपको भी नव वर्ष मंगलमय हो ...

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    उत्तर
    1. बहुत बहुत आभार नासवा जी । आपका भी सपरिवार नववर्ष मंगलमय व सुखमय हो ।

      हटाएं


“मेरी लेखन यात्रा में सहयात्री होने के लिए आपका हार्दिक आभार…. , आपकी प्रतिक्रिया‎ (Comment ) मेरे लिए अमूल्य हैं ।”

- "मीना भारद्वाज"