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शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2019

"नमन"


माटी का रंग सुर्ख है….,
वसन्त में किसने बिखेर दिए
अनगिनत पलाश के फूल
पतझड़ के बिना ठूंठ से गाछ
धूसर सी फिजायें…..,
यकायक कहीं आवाज गूँजी
एक घृणित साजिश में....,
मातृभूमि के रक्षक….,
शहीद हुए …, घायल हुए…,
जब से सुनी है यह बात
मन व्यथित और उदास है
सवाल बहुत हैं मन में
मगर जवाब किस के पास है
टूटते क्यों नही वे हाथ
जो नर संहारी जाल बुनते हैं
अनुत्तरित से सवाल जब
देखो मन मथते हैं
बलिदानी थे  वो वीर
माटी का कर्ज उतार चले
अखण्ड रहे भारत का सम्मान
कर न्यौछावर वे अपने प्राण चले






पुलवामा मे शहीद हुए  CRPF के जवानों को अश्रु पूरित श्रद्धांजलि 🙏🙏

12 टिप्‍पणियां:

  1. भारत देश के वीर सैनिकों को शत शत नमन। उनकी शहादत का यह देश कर्जदार है। आज हम अपने घरों में निश्चिंत होकर सांस ले पा रहे हैं इनकी वजह से। देश का सिपाही होना गर्व की बात है। आपकी इस कविता के माध्यम से उनको श्रद्धांजलि देने का प्रयास अति उत्तम है...वीर शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि,

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    1. मन बहुत व्यथित है संजय जी ! जब से यह news देखी तब से अनगिनत बार वही दृश्य घूमते रहे हैंं दिमाग में । व्यथा के साथ ना जाने कितने प्रश्न मन मे ंंकौंधतेंं हैं । उनके परिजनों के दुख को कौन कम कर सकता है । आपने सही कहा वास्तव में उनकी शहादत के हम कर्जदार हैं ।

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  2. टूटते क्यों नही वे हाथ
    जो नर संहारी जाल बुनते हैं
    अनुत्तरित से सवाल जब
    देखो मन मथते हैं
    बलिदानी थे वो वीर
    माटी का कर्ज उतार चले
    कल जब हर कोई प्रेम दिवस मानाने में मस्त था ,उस वक़्त भारत माँ ने अपने कुछ अनमोल रत्न खो दिए ,उनका इस तरह से शहीद हो जाना आत्मा को झकझोर कर रख दिया ,भगवान उनके परिजनों को ये दुःख सहने की हिम्मत दे ,हम तो और कुछ कर नहीं सकते बस आश्रु के रूप में दो श्रद्धा सुमन चढ़ा सकते है।

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    उत्तर
    1. आपने सही कहा कामिनी जी ,इस तरह के कुकृत्य आत्मा झकझोर जाते हैं । अश्रुपूरित श्रद्धा सुमन ही अर्पित कर पाते हैं हम सब ।

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  3. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 75वीं पुण्यतिथि - दादा साहेब फाल्के और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरी पोस्ट को ब्लॉग बुलेटिन मेंं सम्मिलित कर मान देने के लिए हार्दिक आभार हर्षवर्धन जी ।

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  4. उत्तर
    1. आपकी उपस्थिति ने मान बढ़ाया सृजन का , सादर आभार!

      हटाएं


“मेरी लेखन यात्रा में सहयात्री होने के लिए आपका हार्दिक आभार…. , आपकी प्रतिक्रिया‎ (Comment ) मेरे लिए अमूल्य हैं ।”

- "मीना भारद्वाज"