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रविवार, 28 मई 2017

“हे कृष्णा!”

(This image has been taken from google)

मैं तेरी जोगन हे बनवारी
मन मन्दिर में आन विराजो
रास रचैया...  हे गिरिधारी

डगर-डगर ढूँढू तोहे सांवरे
राह निरख नैना भए बावरे
हे गोपेश्वर ! हे मुरलीधर !

दधि माखन की  मटकी सारी
चन्द्र कमल मुख पर बलिहारी
श्याम छवि द्युति शोभा प्यारी

देवकी नन्दन...राधा वल्लभ
हे गोविन्दा... हे गोपाला
गोविन्दमुरारी...कुंजविहारी


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- "मीना भारद्वाज"