नाराज हैं मुझसे
मेरी सबसे गहरी दोस्त
किताबें..
कल धूल झाड़
करीने से लगा रही थी तो
मानो कर रहीं थीं
शिकायत-
माना 'कोरोना काल' है
एक साल से
तुम परेशान हो..
लहरें आ रहीं हैं -
पहले पहली और अब दूसरी
यह भी सच है कि
बाहर आना-जाना मना है
दूरी बनाये रखनी भी
जरूरी है
मगर हम तो हैं ना..
घर की घर में,घर की सदस्य
फिर हम क्यों कैद हैं
तुम्हारी आलमारी में
एक साल से..,
हमसे यह अबोलापन
और
दूरी क्यों ?
***
【चित्र-गूगल से साभार】